Jage Antarbodha * जागे अंतर्बोध
जागे अंतर्बोध
बुद्ध की शिक्षा विश्वजनीन नियम पर आधारित है। इस नियम को ‘धम्म’ कहते हैं जो अष्टांगिक मार्ग है, जिस पर चलकर मानसिक क्लेशों से मुक्त हुआ जा सकता है। अष्टांगिक मार्ग के तीन सोपान हैं- शील, समाधि और प्रज्ञा।
इस पुस्तक में बुद्ध की शिक्षा के हर पहलू का विस्तार से वर्णन किया गया है। सरल तरीके से वर्णन किया गया है ताकि इसे समझने में और जीवन में इसे उतारने में आसानी हो। इसके अलावा इसमें सिद्धार्थ गौतम के जीवन-वृत्त के साथ-साथ पारिवारिक तथा ऐतिहासिक भूमिका भी दी गयी है। इसमें बुद्ध के कुछ शिष्यों की प्रेरणादायक कहानियां भी हैं।
यह पुस्तक ‘जागे पावन प्रेरणा’ की सह पुस्तक है जिसमें बुद्ध के समय के विपश्यना ध्यान करनेवालों की प्रेरणादायक कहानियां सम्मिलित हैं।
साधकों तथा जो साधक नहीं भी हैं उनके लिए यह एक आदर्श पुस्तक है।

