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Bahujan Hitaya Bahujan Sukhaya- बहुजन-हिताय बहुजन-सुखाय (PDF Book)

₹288.00

बहुजन-हिताय बहुजन-सुखाय (PDF Book)
code no - H120-pf

1980 के दशक की शुरुआत से, भारत और दुनिया भर में विपश्यना केंद्रों की संख्या में आश्चर्यजनक वृद्धि हुई है। विपश्यना की तकनीक की प्रभाविकता का अनुभव करने के बाद स्वयं कई पुराने साधकों ने निस्वार्थ भाव से विपश्यना के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए, उन्होंने अनेकों के कल्याण के लिए सेवा की है।
इन धर्म सेवकों की सेवा से सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हों, यह सुनिश्चित करने के लिए गोयन्काजी ने उन्हें नियमित रूप से मार्ग दर्शन दिया है। भारत में आयोजित वार्षिक सम्मेलनों में या विभिन्न केंद्रों के दौरों पर उन्होंने विपश्यना का अभ्यास और सेवा के अनेक पहलुओं पर चर्चा की है।
उन वार्त्ताओं और प्रश्नोत्तर सत्रों के लिखित प्रतिलेख इस पुस्तक के श्रोत हैं। इसमें श्री गोयन्काजी द्वारा विपश्यना के अभ्यास, धम्म सेवा का अर्थ और एक सेवक को किस प्रकार सेवा करनी चाहिए, इन विषयों पर दिये गये मार्गदर्शन शामिल हैं जो कि इस पुस्तक के अंग हैं।
साधकों तथा जो साधक नहीं भी हैं उनके लिए यह एक आदर्श पुस्तक है।

SKU:
H120-pf
ISBN No: 
978-93-90147-51-9
Publ. Year: 
2026
Author: 
Acharya S. N. Goenka
Language: 
Hindi
Book Type: 
PDF
Pages: 
384
Preview: 
PDF icon Preview (3.41 MB)